Monday, 1 December 2025

Vrindavan with Parikrama in One Day

 



"आपकी वृंदावन यात्रा के लिए सर्वश्रेष्ठ शुरुआती योजना यहाँ दी गई है:

१. आगमन और तैयारी (Arrival & Preparation):

  • यदि आप अक्टूबर के बाद यात्रा कर रहे हैं, तो सुबह जल्द से जल्द (अधिकतम 5:00 बजे तक) वृंदावन पहुँचने का प्रयास करें।

  • प्रेम मंदिर के आस-पास का क्षेत्र ठहरने के लिए सबसे अच्छा है; यहाँ किसी भी होटल या होमस्टे में अपना सामान (luggage) रखें।

२. परिक्रमा आरंभ और अनुष्ठान (Parikrama Start & Ritual):

  • सामान रखने के बाद आप परिक्रमा शुरू कर सकते हैं।

  • प्रेम मंदिर से सीधे बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर, इस्कॉन मंदिर से पहले आने वाले चौराहे पर रुकें।

  • अपनी श्रद्धा अनुसार वृंदावन की रज (मिट्टी) माथे पर लगाएँ और दंडवत प्रणाम करें।

  • यहाँ से बाएँ (Left) तरफ की सड़क से परिक्रमा शुरू करें।

३. परिक्रमा मार्ग पर दर्शन (Darshan on the Route):

  • सबसे पहले, आपको कालियादह मंदिर और घाट के दर्शन होंगे।

  • इसके बाद, मदन मोहन मंदिर में दर्शन करें।

  • आगे बढ़ने पर, गेट नंबर 2-3 से आप राधा-गिरिधर मंदिर पहुँच सकते हैं, जहाँ सुबह लगभग 6:00 से 6:30 बजे के बीच मंगला आरती और दर्शन होते हैं।

  • यहाँ से निकलने के बाद, आप राधा रमण मंदिर में भी इसी समय के आसपास आरती और दर्शन कर सकते हैं।

  • इसके बाद, बांके बिहारी मंदिर आएगा, जहाँ पहला दर्शन 8:30 बजे होता है।

  • इस मार्ग पर केशव घाट और दो-तीन अन्य घाट भी आएँगे।"

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